Monday, September 27, 2010

Ek Bar Pyar Karke to dekho

एक बार प्यार करके तो देखो
धरती पर बन ना जाये स्वर्ग तो कहना , एक बार प्यार करके तो देखो। 
जीवन क्या है जान न जाओ तो कहना , एक बार किसी का बन के तो देखो ।

कौन है अपना,  कौन पराया फिर इन बातो मे क्या है रह्ना , 
तेरा क्या है , मेरा क्या है भूल ना जाओ तो कहना  , 
सब मिल कर एक बार  गीत गाकर तो देखो ।

क्या ढूढ़ते तो तुम यहाँ- वहाँ , क्यों भटकते हो तुम इधर- उधर, 
सब मिलेगा तुम्हे अपने अन्दर , एक बार अपने मन को टटोल कर तो देखो |
 
क्यों हो अनजान उस रहस्य से, जिसमे सारी सृशटी समाई ,
जो मानवजन के लिए वरदान है और इस प्रकृति का उपहार है
,
उस रस को एकबार आत्मसात करके तो देखो
, एक बार प्यार करके तो देखो|

ये दुनिया तो रोकेगी तुम्हे , टोकेगी और बरगलाएगी , पर तुम ना रुकना , तुम ना पीछे हटना , एक तुम्ही तो हो जो बदल सकते हो इस जहाँ को , एक बार , सिर्फ एक बार प्यार करके तो देखो |

तेजप्रकाश वर्मा|

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